सालासर हनुमान आरती Salasar Hanuman Aarti PDF Download

Salasar Hanuman Aarti PDF

जब आप शांत मन के साथ, अपने आपको श्री सालासर बालाजी के चरणों में समर्पित करके उनकी आरती पढ़ते हैं, तो धन धान्यता में वृद्धि होती है और आपकी कीर्ति बढ़ती है, साथ ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। आपके शांत मन से पढ़ने से सालासर बालाजी की आरती और हनुमान चालीसा के पाठ से आपको विशेष हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी और आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। यदि आप सम्पूर्ण सालासर बालाजी की आरती हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, तो आप यहाँ निम्नलिखित पढ़ सकते हैं:

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सालासर हनुमान आरती का महत्व

हनुमान आरती हिन्दू धर्म में एक प्रमुख पूजा विधि है, जिससे भक्त भगवान हनुमान को अपने जीवन में सभी दुःखों से मुक्ति, सुख-शांति, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति की कामना करते हैं। सालासर हनुमान मंदिर में भक्त रोज़ाना सुबह और शाम को हनुमान आरती करते हैं, जिससे उन्हें आध्यात्मिक संबंधों की मज़बूती मिलती है और उनके मन में शांति एवं समृद्धि की भावना उत्पन्न होती है। सालासर हनुमान आरती भक्तों को मानसिक शक्ति, साहस, और उत्साह से भर देती है और उन्हें अधिक समझदार और सक्रिय बनाती है।

सालासर हनुमान आरती के सामान्य विधान

सालासर हनुमान आरती को अंधकार बिताने के बाद, प्रातः काल में हनुमान जी को समर्पित किया जाता है। भक्तों को साधारणतया इस आरती को सूर्योदय के समय या सूर्यास्त के समय करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन समयों में आरती का माहौल एवं भाव प्रतिस्थित रहता है। सालासर हनुमान आरती के समय भक्त एक साथ एकत्र होकर धूप-दीप, सुगंध, फूल, आरती की थाली, और भक्तिभाव से सज्जित होते हैं।

सालासर हनुमान आरती के लिए सामग्री:

  1. आरती की थाली: सालासर हनुमान आरती के लिए एक चौड़ी और शुभ सूर्यमुखी अलंकृत आरती की थाली की ज़रूरत होती है। इस थाली में धूप-दीप, गुलाब जल, सुगंध, फूल, रोली, अक्षता, और पंचामृत रखना चाहिए।
  2. आरती के गाने की पुस्तक: सालासर हनुमान आरती के लिए आरती के गाने की पुस्तक या आरती के गाने का प्रिंटआउट रखना चाहिए, जिससे भक्त आरती के गाने के शब्दों को पढ़कर आरती कर सकें।
  3. फूलों की माला और गुड़ा: सालासर हनुमान आरती के दौरान हनुमान जी को फूलों की माला और गुड़ा का भोग चढ़ाया जाता है। भक्त फूलों की माला बांधकर हनुमान जी को समर्पित करते हैं और गुड़ा खिलाते हैं। इससे हनुमान जी खुश होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी होती है।

सालासर हनुमान आरती की विधि:

  1. प्रारम्भिक तैयारी: सालासर हनुमान आरती को करने के लिए सबसे पहले आपको आरती की थाली को सजाना होगा। थाली में धूप-दीप, सुगंध, फूल, रोली, अक्षता, और पंचामृत रखें। इसके बाद, आरती के गाने की पुस्तक या प्रिंटआउट को भी तैयार करें।
  2. आरती की शुरुआत: सालासर हनुमान आरती की शुरुआत हाथ में जले हुए दीप के साथ करें। धूप-दीप को थाली के मध्य में स्थान दें और इसे प्रकाशित करें। फिर आरती के गाने की पुस्तक को खोलें और गाना शुरु करें। भक्त सभी शब्दों को ध्यानपूर्वक गाएं।
  3. आरती के दौरान फूलों की माला चढ़ाएं: आरती के गाने के दौरान, भक्त फूलों की माला को बांधकर हनुमान जी को समर्पित कर सकते हैं। इसे आरती के अंत में हनुमान जी की मूर्ति के आगे रखें।
  4. गुड़ा का भोग चढ़ाएं: आरती के बाद, भक्त गुड़ा का भोग चढ़ाकर हनुमान जी को खिला सकते हैं। इससे हनुमान जी खुश होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी होती है।
  5. आरती के बाद: सालासर हनुमान आरती के बाद, भक्तों को आपसी भावना एवं प्रेम से प्रसाद बांटना चाहिए।

सालासर हनुमान आरती का उपयोग:

सालासर हनुमान आरती को गाने से भक्त भगवान हनुमान को अपने जीवन में सभी दुःखों से मुक्ति, सुख-शांति, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति करते हैं। इसके अलावा, आरती के गाने से भक्तों के मन में शांति, भक्ति, और प्रेम की भावना उत्पन्न होती है। इस आरती को नियमित रूप से गाने से भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव का अनुभव होता है और उन्हें भगवान हनुमान के प्रति अधिक प्रेम और श्रद्धा विकसित होती है।

सालासर हनुमान आरती के फायदे:

  1. आध्यात्मिक उन्नति: सालासर हनुमान आरती के गाने से भक्तों की आध्यात्मिक उन्नति होती है। भक्त अधिक समझदार, सक्रिय, और उत्साही बनते हैं और उनका आध्यात्मिक ज्ञान वृद्धि होती है।
  2. सुख-शांति: सालासर हनुमान आरती के गाने से भक्त को सुख-शांति की प्राप्ति होती है। भक्त के मन में चिंता और अशांति की भावना कम होती है और उन्हें शांति का अनुभव होता है।
  3. समृद्धि: सालासर हनुमान आरती के गाने से भक्त को समृद्धि की प्राप्ति होती है। भक्त के जीवन में धन, संपत्ति, और समृद्धि की वृद्धि होती है।
  4. साहस: सालासर हनुमान आरती के गाने से भक्त को साहस की प्राप्ति होती है। भक्त अधिक साहसी और निर्भय बनते हैं और उन्हें अभीख्यात होने का साहस मिलता है।

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